कंगना रनौत बोलीं- केंद्र का पैसा मेरे पास या जयराम के पास नहीं आता; न मेरे पास कैबिनेट है न अधिकारी
मंडी: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून ने कोहराम मचा रखा है। बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंडी में रविवार को दोबारा बादल फटने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। इस बीच मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत अपने लोकसभा क्षेत्र पहुंचीं। सवालों और उठते विवादों के बीच कंगना के निशाने पर हिमाचल की सुक्खू सरकार ही रही। कंगना ने मंडी में कहा कि हम पहुंच तो जाते हैं,लेकिन हमारा काम करने का दायरा काफी कम है। कंगना ने बादल फटने से प्रभावित इलाकों का दौरा किया स्थानीय प्रभावित लोगों से बातचीत भी की। बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित थुनाग इलाके का दौरा किया उन्होंने कहा कि बादल फटने के बाद यहां बाढ़ जैसी स्थिति है। थुनाग इलाके और आस-पास के इलाकों में सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हमारी सरकार और प्रशासन स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और राहत कार्य जारी हैं। सड़क संपर्क बहाल किया जा रहा है। हमारी टीमें हर प्रभावित इलाके में हैं।
सुक्खू सरकार पर हमला करते हुए कंगना ने कहा कि केंद्र का फंड राज्य सरकार के पास आता है,ये लोग पैसा खाकर बैठे हैं। मेरे पास तो फंड आएगा नहीं,देना तो उन्हीं(हिमाचल सरकार) को है। उन्हें लगता है कि कंगना हिमाचल में रहकर काम करती तो अच्छा था,मुख्यमंत्री और PWD के काम कर जाती तो अच्छा था। इससे पहले आज मंडी में दोबारा बादल फटने की घटना हुई है। पधर उपमंडल की टिक्कन पंचायत के सिलबधानी गांव में बीती देर रात बादल फटा, जिससे स्थानीय नाले में बाढ़ आ गई और दो पुलियां बह गईं। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। मंडी,कांगड़ा और सिरमौर जिलों में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शिमला,सोलन और हमीरपुर सहित 9 जिलों में अगले 24 घंटे के लिए फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी गई है।
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि केंद्र सरकार ने सेना भेजकर तत्काल राहत अभियान चलाया। स्थानीय स्तर पर हमने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई। भले ही प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर हैं, लेकिन उन्हें यहां जो हो रहा है, उसकी जानकारी है और केंद्र सरकार हरकत में आई है। एक सांसद के तौर पर मेरा काम फंड लाना और सरकार को जमीनी हकीकत बताना है। कंगना रनौत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मंडी आने के बाद यहां की स्थिति देख काफी दुख हुआ कि लोगों के सामने ऐसी त्रासदी हुई। काफी नुकसान हुआ है। कंगना ने कहा कि मेरे दो भाई हैं जो साथ-साथ चले रहते हैं। मैं पहुंच तो जाती हूं, मेरा काम है केंद्र से राहत कोष लेकर आना, मेरे पास अपना न तो कोई फंड है नहीं, न कोई अधिकारी हैं और न ही कोई कैबिनेट है। सांसद के काम सीमित होता है, हम भी पहाड़ी हैं, हिमाचली हैं।




