चंडीगढ़: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और उनकी दो बेटियों की कार में आग लगने के बाद मौत हो गई. तीनों की मौत के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 25 में तीनों का सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया. घटना में प्रोफेसर के परिवार के पांच अन्य लोग घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. जानकारी के अनुसार, दिवाली के बाद घर से लौट रहे प्रोफेसर का परिवार कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में जीटी रोड पर हादसे का शिकार हो गया. अर्टिगा गाड़ी में सवार परिवार सोनीपत से चंडीगढ़ जा रहा था और इस दौरान कार में अचानक आग लग गई और फिर ब्लास्ट हो गया. कार सवार संदीप (37) और उसकी दो बेटियां प्राची (7) और अमानत(10 ) की मौके पर ही मौत हो गई थी. इस घटना में तीन महिलाओं सुदेश, लक्ष्मी और आरती को गम्भीर हालात के चलते पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. प्रोफेसर संदीप दिवाली के बाद अपने सोनीपत स्थित पैतृक गांव रमाणा से चंडीगढ़ लौट रहे थे. संदीप चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे. पुलिस जांच के मुताबिक अर्टिगा कार में संदीप उसके साथ अन्य परिजन चंडीगढ़ जा रहे थे. जब वह कुरुक्षेत्र में नेशनल हाईवे पर गांव मोहड़ी के पास पहुंचे तो कार में अचानक आग लग गई. इसमें कार में सवार सभी व्यक्ति अंदर ही फंस गए और कार में ब्लास्ट हो गया. मौके से गुजर रहे वाहन चालकों ने पांच लोगों को कार से किसी तरह निकाल लिया. लेकिन एक संदीप और दो बेटियों जिंदा जल गईं. कार हादसे का शिकार हुई दोनों बच्चियां चंडीगढ़ के सेकरेड हार्ट स्कूल में पढ़ती थी और उनके निधन पर सोमवार को स्कूल में छुट्टी रही. प्रोफेसर संदीप चंडीगढ़ के सेक्टर 7 में रहते थे. संदीप की पत्नी लक्ष्मी ने हाईकोर्ट में वकालत करती हैं, जबकि उनका भाई सुरेंद्र चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट में कार्यरत है. 30 साल पहले उनका परिवार यहां पर शिफ्ट हुआ था. संदीप बीते 10 साल से यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे थे. उधर, सोमवार को सेक्टर-25 में अंतिम संस्कार के दौरान काफी गमगीन माहौल देखने को मिला. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे।




