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BJP के कद्दावर नेता रमेश ध्वाला कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने को तैयार, CM सुक्खू के सामने रखी ये शर्त

Bye-Election in Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्र में 10 जुलाई को चुनाव होना है. बीजेपी ने तीनों विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. बीजेपी ने निर्दलीय विधायक के तौर पर इस्तीफा देने वाले नेताओं को ही अपना प्रत्याशी बनाया है. अब बीजेपी के सामने एक बार फिर वही डर आकर खड़ा हो गया है, जिसकी आशंका बीजेपी को पहले से ही थी.

 

 

देहरा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता रमेश चंद ध्वाला कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं. हालांकि इसके लिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सामने एक बड़ी शर्त भी रखी है.

 

क्या है CM सुक्खू से रमेश ध्वाला की शर्त?

 

हिमाचल प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे रमेश चंद ध्वाला साल 2022 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी होशियार सिंह से हार गए थे. अब वही होशियार सिंह बीजेपी के प्रत्याशी बन गए हैं. ऐसे में रमेश चंद ध्वाला कांग्रेस से चुनाव लड़ने के संकेत देते हुए नजर आ रहे हैं. ध्वाला ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी लोग उनसे बात करने के लिए आए और चुनाव लड़ने की बात कही.

 

देहरा को अलग जिला बनाने की मांग

रमेश चंद ध्वाला ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री देहरा को जिला घोषित कर देते हैं, तो वह कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं. रमेश चंद ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर इस तरह की घोषणा भी इलाके के लिए कर दें, तो वह कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ेंगे. रमेश चंद ध्वाला ने कहा कि वह देहरा की जनता के लिए कुछ भी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि साल 1998 में जब वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विधायक बने थे, तब भी उन्होंने देहरा की जनता से यहां जिला बनाने की बात कही थी.

नई नहीं है अलग जिला की मांग

 

गौरतलब है कि कांगड़ा जिला हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है. यहां अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र से इसी तरह एक अलग जिला बनाने की मांग समय-समय पर उठती रही है. इससे पहले जिला कांगड़ा के तहत आने वाले नूरपुर को भी अलग जिला बनाने की खूब मांग होती रही है. साल 2017 में नूरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने राकेश पठानिया ने भी अपनी जनता से नूरपुर को अलग जिला बनाने का वादा किया था. हालांकि बाद में वह नूरपुर को जिला बनाने में तो सफल नहीं रहे, लेकिन तत्कालीन जयराम सरकार ने नूरपुर को पुलिस जिला घोषित कर दिया.

 

राजनीति के दिलचस्प रंग कुछ इस कदर दिखे कि अपना आधा वादा पूरा कर जनता से वोट मांगने के लिए राकेश पठानिया तैयारी ही कर रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें नूरपुर की जगह फतेहपुर से चुनाव लड़ने भेज दिया, जहां उन्हें कांग्रेस के भवानी सिंह हार का सामना करना पड़ा.

 

साल 2022 में देहरा विधानसभा का रिजल्ट

 

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के रमेश चंद को 16 हजार 730, कांग्रेस के डॉ. राजेश शर्मा को 19 हजार 120 और निर्दलीय प्रत्याशी होशियार सिंह को 22 हजार 997 वोट मिले थे. वहीं, बहुजन समाज पार्टी के हरबंस सिंह को 213, आम आदमी पार्टी के मनीष कुमार को 483 और निर्दलीय प्रत्याशी वरुण कुमार ने 560 वोट हासिल किए थे. इसके अलावा 472 लोगों ने नोटा का बटन भी दबाया था. इस तरह कुल 60 हजार 575 वोट में से 22 हजार 997 वोट लेकर होशियार सिंह ने जीत हासिल की थी।

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