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छोटे निवेशक न लगाएं बाजार में सीधे पैसा! एनएसई चीफ ने क्‍यों कही ये बात, बताया निवेश करने का सही फॉर्मूला

दिल्‍ली : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रमुख आशीष कुमार चौहान ने खुदरा निवेशकों को बड़ी चेतावनी दी है. उन्‍होंने आगाह किया है कि खुदरा और छोटे निवेशकों सीधे डेरिवेटिव कारोबार और एफएंडओ में पैसे नहीं लगाने चाहिए. इसके बजाय उन्हें म्यूचुअल फंड के जरिए शेयरों में निवेश करने का सुझाव दिया है. चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) डेरिवेटिव में कारोबार केवल सूचित निवेशकों तक ही सीमित होना चाहिए, जो जोखिम से निपट सकें और बाजार को समझ सकें. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन ने भी हाल ही में खुदरा निवेशकों के लिए एफएंडओ कारोबार के बढ़ते जोखिम की ओर इशारा किया था. नवंबर 2023 में सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच ने भी निवेशकों को एफएंडओ पर भारी दांव लगाने को लेकर आगाह किया था.

क्‍या बोले एनएसई प्रमुख
एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘खुदरा निवेशकों को एफएंडओ कारोबार में हिस्सा नहीं लेना चाहिए. उन्हें म्यूचुअल फंड के जरिए शेयरों में निवेश करना चाहिए. उन्होंने आगाह किया कि डेरिवेटिव की अपनी उपयोगिता तो है, लेकिन इसका व्यापार केवल उन्हीं लोगों को करना चाहिए जो जोखिमों को पूरी तरह समझते हैं और उनसे निपटने की क्षमता रखते हैं. जिन लोगों में यह समझ या जोखिम उठाने की क्षमता नहीं है, उन्हें डेरिवेटिव कारोबार से बचना चाहिए.

मुनाफे की लालच में फंस रहे निवेशक
भारी जोखिम होने के बावजूद लाभ की संभावना और बढ़ते कारोबार दायरे के कारण ‘एफएंडओ ट्रेडिंग’ की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है. इस बीच, बहुप्रतीक्षित एनएसई आईपीओ के बारे में पूछे जाने पर एक्‍सचेंज प्रमुख ने फिलहाल इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

क्‍या होती है एफएंडओ ट्रेडिंग
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) में शेयर बाजार में डेरिवेटिव ट्रेडिंग होती है. यह ट्रेडिंग अनुबंध पर आधारित होती है. इन अनुबंधों में दो पक्षों द्वारा बाद की तारीख में पूर्व निर्धारित मूल्य पर किसी परिसंपत्ति का व्यापार करने के लिए हस्ताक्षर किए जाते हैं. वायदा और विकल्प पूर्व निर्धारित कीमत सुनिश्चित करके निवेश के भविष्य के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं. अब अगर भविष्‍य में इसकी कीमत बढ़ भी जाती है तो भी निवेशक को पूर्व निर्धारित कीमत पर ही मिलता है और बढ़ी हुई कीमत का मुनाफा हो जाता है. हालांकि, कीमत कम हुई तो घाटा भी लग सकता है।

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