शिमला: हिमाचल प्रदेश में इकलौती राज्यसभा सीट के लिए जंग रोचक हो गई है. 25 सीटों वाली भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है. ऐसे में अब कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघली के सामने भाजपा के हर्ष महाजन होंगे.दरअसल, गुरुवार सुबह हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भाजपा नेता हर्ष महाजन ने विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन भरा. इस दौरान उनके साथ पूर्व सीएम जयराम ठाकुर सहित अन्य भाजपाई मौजूद रहे. गौरतलब है कि उम्मीद जताई जा रही थी कि कांग्रेस प्रत्याशी के मुकाबले भाजपा अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी, लेकिन कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान के चलते भाजपा ने यह फैसला लिया. उधर, कांग्रेस प्रत्याशी मनु सिंघवी ने भी नामांकन दाखिल किया और कहा कि ये हर्ष का मौका है. उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया और कहा कि प्रदेश छोटा है, लेकिन ह्रदय विराट है. हिमाचल के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
क्या कांग्रेस के साथ होगा खेला
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में सगंठन और सरकार में रार चल रही है. अक्सर प्रतिभा सिंह सरकार के खिलाफ बयानबाजी करती रहती हैं. सीएम सुक्खू और वीरभद्र सिंह के बीच चली आ रही तकरार अब भी बरकरार है. वहीं, मंत्री ना बनाने को लेकर कांग्रेस के दो विधायक पहले ही सरकार से नाराज हैं. वह कांग्रेस विधायक दल की बैठकों से भी नदारद रहे हैं. साथ ही ही भाजपा के सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के कई विधायक उनके संपर्क में हैं. अहम बात है कि भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद है कि कांग्रेस से नाराज चल रहे विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं और इसी उम्मीद में उन्होंने हर्ष महाजन को उम्मीदवार बनाया है।
कौन हैं हर्ष महाजन
राज्यसभा की इस जंग में सबसे अहम बात यह है कि हर्ष महाजन पहले कांग्रेस में ही थे. 28 सितंबर 2022 में उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कहा था और भाजपा में शामिल हो गए थे. वह वीरभद्र सिंह के बेहद करीबी माने जाते थे. हालांकि, अब वीरभद्र सिंह इन दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस नेताओं से अब भी हर्ष की करीबियां हैं. हर्ष महाजन चंबा जिले के रहने वाले हैं और वह कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रहे हैं. उनके पिता हिमाचल विधानसभा के स्पीकर रहे हैं. वह पहली बार साल 1993 में चुनाव जीतकर विधायक बने थे. नामांकन के बाद हर्ष महाजन ने कहा कि पुरानी दोस्ती काम आएगी.
क्या है हिमाचल में सियासी गणित
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की 68 सीटें हैं. इनमें 40 कांग्रेस के पास हैं, जबकि भाजपा के पास 25 और तीन सीटों पर निर्दलीयों का कब्जा है. बुधवार शाम को शिमला में हुई कांग्रेस की मीटिंग में 40 विधायकों के अलावा, 3 निर्दलीय भी मौजूद थे. इस मीटिंग में कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला, अभिषेक मनु सिंघवी भी शामिल हुए थे. विधायकों की तरफ से सिंघवी को रात्रि भोज भी दिया गया है. कहीं ना कहीं कांग्रेस को भी डर है कि इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग से उन्हें नुकसान ना उठाना पड़े. जेपी नड्डा का कार्यकाल खत्म होने के बाद यह सीट खाली हुई है.





